27 सूत्रीय मांगों पर अड़े डिप्लोमा इंजीनियर्स, 1 अप्रैल से आंदोलन उग्र करने का ऐलान।
चंपावत/लोहाघाट। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल छठे दिन भी जारी रही। शासन स्तर पर लंबित 27 सूत्रीय मांगों को लेकर हुई वार्ता विफल होने के बाद इंजीनियर्स ने आंदोलन को और तेज कर दिया है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर जनपद में सभी निर्माण कार्य ठप पड़ गए हैं, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है।
लोक निर्माण विभाग परिसर स्थित एनक्सी भवन में शाखा लोहाघाट एवं चंपावत के डिप्लोमा इंजीनियर्स एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिला अध्यक्ष इंजीनियर गोपाल राम कालाकोटी ने कहा कि शासन के साथ हुई वार्ता में किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 1 अप्रैल से आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों के इंजीनियर्स भी आंदोलन में शामिल होंगे, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इस दौरान इंजीनियर किशोर सिंह राठौड़, इंजीनियर प्रबुद्ध शर्मा, इंजीनियर प्रशांत वर्मा, इंजीनियर ऋषभ शाह, इंजीनियर संदीप कुमार, इंजीनियर सचिन पुनेठा, इंजीनियर परमानंद, इंजीनियर दिव्यांशु सिंह, इंजीनियर पंकज पटवा, इंजीनियर राम नवीश राणा, इंजीनियर देवेश, इंजीनियर चेतन ओली, इंजीनियर दीपिका मेहता, इंजीनियर ज्योति, इंजीनियर हर्ष सुराड़ी, इंजीनियर प्रकाश बेनीवाल, इंजीनियर सुषमा चुफाल, इंजीनियर रेणुका भट्ट, इंजीनियर ज्योति कठायत, इंजीनियर पल्लवी शाह, इंजीनियर सुभाष पांडे, इंजीनियर संतोष पांडे, इंजीनियर गरिमा, इंजीनियर नीरज ओली, इंजीनियर प्रमोद वर्मा सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
चंपावत: छठे दिन भी नहीं टूटी इंजीनियर्स की हठ, हड़ताल से विकास कार्यों पर ब्रेक।
