चंपावत: जंगलों की गोद में बसे गुरु गोरखनाथ धाम तक डीएम की पैदल चढ़ाई, अखंड धूने के किए दर्शन।

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चंपावत। सघन जंगलों और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बीच स्थित विश्व प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ धाम में पहली बार जिलाधिकारी ने पैदल पहुंचकर दर्शन किए। रामनवमी के पावन अवसर पर मनीष कुमार ने करीब 2 किलोमीटर पैदल मार्ग तय कर इस दिव्य स्थल पर पहुंचकर अखंड धूने के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सदियों से जल रहा यह अखंड धूना इस धाम की सबसे बड़ी पहचान है, जिसकी भस्म श्रद्धालुओं को महाप्रसाद के रूप में दी जाती है। घने जंगलों के बीच स्थित इस स्थान से हिमालय की लंबी पर्वत श्रृंखलाओं का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ ने इसी स्थल को अपनी तपस्थली के रूप में चुना था, तभी से यह स्थान आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
स्थानीय महंत योगी रामनाथ के अनुसार, इस धाम के दर्शन की इच्छा लंबे समय से योगी आदित्यनाथ भी जता चुके हैं। उन्होंने कई बार यहां आने की बात कही है, जिससे इस स्थान का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
जिलाधिकारी के आगमन पर पुजारी महेंद्र देवनाथ, कथावाचक कमल जोशी तथा सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप सिंह ने उनका स्वागत किया। बताया गया कि वर्तमान मठाधीश योगी रामनाथ इन दिनों पंजाब में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस धाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक स्थल बताते हुए इसके विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए भले ही पैदल मार्ग कठिन है, लेकिन प्राकृतिक सुंदरता इतनी आकर्षक है कि श्रद्धालु बिना थके यहां तक पहुंच जाते हैं।
गौरतलब है कि पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने उपचुनाव अभियान की शुरुआत इसी पवित्र धाम में आशीर्वाद लेकर की थी। इसके बाद से इस स्थान को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
जिलाधिकारी के इस दौरे के बाद अब यहां सड़क, मूलभूत सुविधाएं और संभावित हेलीकॉप्टर सेवा जैसे विकल्पों पर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में यह धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए और भी सुगम व आकर्षण का केंद्र बनेगा।


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