चंपावत। जिला मुख्यालय के भैरवा कार पार्किंग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। त्रिस्तरीय मांगों को लेकर शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल ने मंगलवार को जोर पकड़ लिया, जब उत्तराखण्ड क्रांति दल (यूकेडी) ने खुलकर समर्थन देते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला। यूकेडी के जिलाध्यक्ष दीपेश शर्मा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे और साफ शब्दों में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरना दे रही कार्यकर्तियों ने सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोलते हुए अपनी तीन प्रमुख मांगों को दोहराया। उन्होंने राज्य सरकार से मानदेय में 140 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी और केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रतिदिन बढ़ाने का प्रस्ताव भेजने की मांग की। साथ ही बिना अतिरिक्त अर्हता के सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने संबंधी शासनादेश को तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
कार्यकर्तियों ने दो टूक कहा कि जब तक स्पष्ट जीओ जारी नहीं होता, तब तक उनके खातों से 300 रुपये की कटौती किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अलावा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को भी उन्होंने “अव्यवहारिक और दमनकारी” बताते हुए खारिज कर दिया। साथ ही धरना स्थल पर गूंजते नारों ने पूरे माहौल को आक्रोश से भर दिया।
“धामी तेरे शासन में, कीड़े पड़े गए राशन में”,
“एक कटोरा दाल समोसा, सीएम तेरा नहीं भरोसा”,
“जो ना माने बिनती से, लुढ़का देंगे कुर्सी से”
जैसे नारों के साथ कार्यकर्तियों ने सरकार के खिलाफ खुला बिगुल फूंक दिया। आंदोलन में शामिल कार्यकर्तियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन सिर्फ चंपावत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में उग्र रूप ले सकता है।
इस दौरान यूकेडी के पदाधिकारी विपिन शर्मा, पीयूष तिवारी, संजय भट्ट, गजेंद्र सिंह बोहरा, सी.एम. जोशी और गिरीश भट्ट समेत कई लोग मौजूद रहे।
फोटो_भैरवा कार पार्किंग में उग्र प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां एवं समर्थन में उतरे यूकेडी कार्यकर्ता।
चंपावत: धामी सरकार के खिलाफ गरजा आंगनबाड़ी आंदोलन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र होगा संघर्ष, यूकेडी का मिला समर्थन।
