27 सूत्रीय मांगों पर अड़े इंजीनियर, सरकार की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश अन्य विभागों के जुड़ने के संकेत।
चंपावत/लोहाघाट। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स का 27 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। 23 मार्च से शुरू हुआ यह आंदोलन अब भी जारी है, जिसके चलते जिले के लगभग एक दर्जन विभागों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है। डिप्लोमा इंजीनियरों के हड़ताल पर चले जाने से विकास कार्यों पर भी ब्रेक लग गया है।
धरना स्थल पर संगठन के मंडल अध्यक्ष इंजीनियर सुरेश डंगवाल, प्रांतीय संगठन सचिव राजेंद्र गिरी और मंडल उपाध्यक्ष एलएम शर्मा ने पहुंचकर आंदोलनरत इंजीनियरों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आज आयोजित सभा जिला अध्यक्ष गोपाल राम कालाकोटी की अध्यक्षता और इंजीनियर परमानंद पुनेठा के संचालन में हुई। इस दौरान कमल भट्ट, सुभाष पांडे, विनीत भट्ट, पंकज राय, अंकित कुमार, गौरव बिष्ट, हरिश्चंद्र, ललित मोहन भट्ट, दीपचंद पांडे, मनोज कुमार बिष्ट, देवेश कुमार, सचिन, किशोर राठौड़ समेत दर्जनों इंजीनियर मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इंजीनियरों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही संकेत दिए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में अन्य विभागों के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
फोटो – धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते डिप्लोमा इंजीनियर।
चंपावत में डिप्लोमा इंजीनियरों का उग्र आंदोलन, 23 मार्च से जारी हड़ताल ने ठप किए कई विभाग।
