सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर खुद की पड़ताल, 88 हजार के बिजली बिल मामले में जांच के आदेश।
चंपावत। सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सहित छह कर्मचारी निर्धारित समय से पहले कार्यालय से अनुपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी से स्पष्टीकरण तलब किया और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों, आरटीआई रजिस्टर, कार्यालय अभिलेखों और कर्मचारियों की उपस्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एक शिकायतकर्ता से सीधे फोन पर बात कर प्रकरण की जानकारी ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि पूर्व में बिजली बिल जमा करने के बावजूद विभाग ने मार्च और अप्रैल माह का करीब 88 हजार रुपये का बिल जारी कर दिया। कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने प्रथम दृष्टया विभागीय लापरवाही मानते हुए अधिशासी अभियंता से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा, निष्पक्ष जांच कराने और तय समय सीमा में शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, उदासीनता या टालमटोल किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगी। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सीमांत क्षेत्र सौरई और तामली में बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति तथा झूलते बिजली के तारों का मुद्दा भी उठा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और झूलते तारों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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