

धामी सरकार की पहल से वीर सैनिक को स्थायी सम्मान, वीरांगना पत्नी और दोनों बेटियों की मौजूदगी में याद किया गया बलिदान।
खेतीखान/लोहाघाट। देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले खेतीखान निवासी वीर सैनिक शहीद रेवाधर का नाम अब सरकारी संस्थान के जरिए हमेशा अमर रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) खेतीखान का नाम शहीद रेवाधर के नाम पर कर दिया गया है। शहीद के नाम को शिक्षण एवं तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान से जोड़कर सरकार ने वीर सैनिक के बलिदान को स्थायी सम्मान देने की पहल की है।
कार्यक्रम में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल उमेद सिंह ने शहीद रेवाधर के शौर्य, साहस और पराक्रम को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनका सम्मान केवल एक परिवार या क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी है। शहीद के नाम से संस्थान का नामकरण युवाओं को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब शहीद रेवाधर की वीरांगना पत्नी और दोनों पुत्रियां भी वहां मौजूद रहीं। अपने पति और पिता का नाम सरकारी संस्थान से जुड़ता देख परिवार भावुक नजर आया। परिवार के लिए यह केवल नामकरण नहीं, बल्कि उस बलिदान की सार्वजनिक स्वीकृति है, जिसे उन्होंने वर्षों से अपने दिल में संजोए रखा है।
कर्नल उमेद सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान को प्राथमिकता देने से सैनिक परिवारों का मनोबल बढ़ता है। शहीद रेवाधर के नाम पर ITI का नामकरण उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सार्थक माध्यम बनेगा।
खेतीखान के लिए गौरव का क्षण_
शहीद रेवाधर का नाम ITI से जुड़ने के बाद खेतीखान क्षेत्र में भी खुशी और गौरव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस वीर सपूत ने देश के लिए अपना जीवन न्योछावर किया, उसका नाम अब इसी क्षेत्र के युवाओं के भविष्य निर्माण से जुड़े संस्थान के साथ हमेशा लिया जाएगा। ITI में प्रशिक्षण लेने वाले युवा जब भी संस्थान का नाम लेंगे, उन्हें शहीद रेवाधर के साहस और बलिदान की याद आएगी।
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि शहीद का नाम किसी पत्थर या पट्टिका तक सीमित नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की प्रेरणा बनना चाहिए। खेतीखान ITI का नामकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
फोटो_शहीद रेवाधर को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनकी वीरांगना एवं अन्य महिलाएं।




