चंपावत: शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा जूनियर हाईस्कूल फोर्ती, बच्चों का भविष्य दांव पर।

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दो शिक्षकों के सहारे चल रहा स्कूल, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार; भवन मरम्मत व सुविधाओं की भी उठी मांग।

लोहाघाट। नगर के समीप स्थित जूनियर हाईस्कूल फोर्ती, जो वर्षों से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है, इन दिनों गंभीर समस्याओं से घिर गया है। विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
ग्राम प्रधान रेनू बगौली, विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष भुवनेश्वरी पुनेठा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेश बगौली ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि पहले विद्यालय में चार शिक्षक कार्यरत थे, लेकिन वर्तमान में केवल दो शिक्षक ही रह गए हैं। स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब इनमें से एक शिक्षक भी समय-समय पर सरकारी कार्यों जैसे भवन गणना और जनगणना में व्यस्त रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
ग्रामीणों ने केवल शिक्षकों की नियुक्ति ही नहीं, बल्कि विद्यालय की जर्जर होती अवस्थाओं की ओर भी प्रशासन का ध्यान खींचा है। ज्ञापन में दैवीय आपदा के चलते गिरी सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण, टूटते फर्श में टाइल्स लगाने और सीलन की समस्या को देखते हुए छत की मरम्मत की मांग की गई है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह मेहता ने बताया कि जिला योजना के तहत बन रही लाइब्रेरी बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी और इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी का आभार भी जताया। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षकों की कमी के चलते इस सत्र में कई बच्चों ने अन्य स्कूलों का रुख कर लिया, जो विद्यालय के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को भी पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो बच्चों की शिक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

फोटो_ जूनियर हाईस्कूल फोर्ती विद्यालय का एक नजारा।


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