‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के तहत तैयार चंपावत का ऑर्गेनिक शहद बना आस्था का प्रतीक, श्रद्धालुओं ने देश और उत्तराखंड की खुशहाली की कामना की ।
चंपावत। मॉडल जिला चंपावत का जैविक शहद अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिले से सोमनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद पवित्र गंगाजल के साथ श्यामलाताल में उत्पादित जैविक शहद लेकर गुजरात स्थित भगवान सोमनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड और पूरे देश की सुख-समृद्धि, शांति और सुरक्षा की कामना की।
यह पहल श्यामलाताल में लंबे समय से जैविक शहद उत्पादन कर रहे हरीश जोशी की ओर से की गई। उन्होंने बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के तहत श्यामलाताल का जैविक शहद आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है और इसकी गुणवत्ता को व्यापक सराहना मिल रही है। हरीश जोशी ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी मनीष कुमार के प्रयासों को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिली है। इससे न केवल ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिले हैं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ लोगों को शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद भी उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ने से चंपावत की पहचान देशभर में और मजबूत होगी।
फोटो – सोमनाथ यात्रा के लिए रवाना होने से पहले श्यामलाताल का जैविक शहद लेकर श्रद्धालु एवं शहद उत्पादक हरीश जोशी।
चंपावत: श्यामलाताल का जैविक शहद पहुंचा सोमनाथ धाम, गंगाजल के साथ हुआ भगवान शिव का जलाभिषेक।
