

35 फर्जी नियुक्ति पत्र और ‘AGE MES BANBASA’ की मोहर बरामद, मोबाइल में मिले लाखों के लेन-देन के सुराग
बनबसा/टनकपुर। मिलिट्री इंजीनियर सर्विस (MES) में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने वाले दो आरोपियों को बनबसा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 35 फर्जी नियुक्ति व जॉइनिंग लेटर, ‘AGE MES BANBASA’ की मोहर, स्टांप पैड और कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस को एक आरोपी के मोबाइल से लाखों रुपये के लेन-देन के सुराग भी मिले हैं।
मामले का खुलासा टनकपुर निवासी गुरु शरण सिंह की शिकायत के बाद हुआ। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि बनबसा (भजनपुर) निवासी धीरज सक्सेना और धारचूला निवासी गणेश बहादुर ने MES में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पांच हजार रुपये नकद और 1.40 लाख रुपये ऑनलाइन/UPI के माध्यम से लिए। इसके बाद आरोपियों ने नियुक्ति पत्र देकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए 28 सितंबर को कमल पथ, आर्मी एरिया बनबसा के पास बुलाया।
पीड़ित के वहां पहुंचने पर कई अन्य युवक भी मिले, जिन्होंने नौकरी के नाम पर रकम लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मोहर से लेकर मेडिकल प्रमाण पत्र तक बरामद_
पुलिस ने आरोपियों के पास से रियलमी और वीवो के मोबाइल फोन, स्टांप पैड, ‘AGE (MES) BANBASA’ की मोहर, नमूना मोहर, महिला-पुरुषों के फोटो, कूटरचित दस्तावेज, 35 नियुक्ति/जॉइनिंग लेटर, मेडिकल प्रमाण पत्र और TVS Wego स्कूटी बरामद की है।
प्रारंभिक जांच में धीरज सक्सेना के मोबाइल फोन से लाखों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब ठगी के शिकार अन्य लोगों और गिरोह से जुड़े संभावित आरोपियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
फोटो_बनबसा पुलिस द्वारा गिरफ्तार दोनों आरोपी।




