पर्यटन के नक्शे पर चमक सकता है चंपावत, जरूरत दुनिया तक पहुंचाने की- खर्कवाल।

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35 वर्षों से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े महेश खर्कवाल ने बताईं संभावनाएं, महाकाली में राफ्टिंग और प्राकृतिक स्थलों के प्रचार से खुलेंगे रोजगार के द्वार

चंपावत। प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, नदियों और मनमोहक पहाड़ी नजारों से समृद्ध चंपावत जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद जिले के अनेक दर्शनीय स्थल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना पाए हैं। दिल्ली में पिछले 35 वर्षों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटक यातायात के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोहाघाट के निकट सुई गांव निवासी महेश चंद्र खर्कवाल ने जिले के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया है।

खर्कवाल का कहना है कि उन्होंने पर्यटकों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों को करीब से देखा है, लेकिन चंपावत की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उनका मानना है कि यदि यहां के पर्यटन स्थलों को योजनाबद्ध तरीके से देश-दुनिया के सामने लाया जाए, तो जिला पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कसोल गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विदेशी पर्यटकों की आवाजाही ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है। चंपावत जिले में भी ऐसे अनेक स्थल हैं, जहां पर्यटक पांच दिन तक प्राकृतिक सौंदर्य के बीच समय बिता सकते हैं। जरूरत इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की है।

महाकाली में राफ्टिंग की संभावनाएं_

महेश खर्कवाल के अनुसार महाकाली नदी में राफ्टिंग और साहसिक पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं। बेहतर योजना, सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं के विकास से इस क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ होटल, होमस्टे, टैक्सी और अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है।

प्रचार-प्रसार से बढ़ेगी पर्यटकों की आवाजाही_

खर्कवाल ने उत्तराखंड पर्यटन विभाग से सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों के जरिए चंपावत के प्राकृतिक सौंदर्य और दर्शनीय स्थलों का व्यापक प्रचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि जिले की खूबसूरती देशी-विदेशी पर्यटकों तक पहुंचने पर यहां पर्यटन गतिविधियों को गति मिल सकती है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता से प्रभावित होकर लौटेंगे, तो वे स्वयं भी चंपावत के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

फोटो_ पर्यटन की संभावनाओं को लेकर अपनी बात रखते महेश चंद्र खर्कवाल।


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