चंपावत: जिम कॉर्बेट की विरासत को संवारने की तैयारी।

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फूंगर स्थित ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगले का डीएम मनीष कुमार ने किया निरीक्षण, ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा।

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद चंपावत में जिम कॉर्बेट से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने फूंगर स्थित ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगले का निरीक्षण कर वहां चल रहे विकास एवं जीर्णोद्धार कार्यों का जायजा लिया।
करीब 20 लाख रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे इस ऐतिहासिक बंगले को पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए म्यूजियम, रिसेप्शन, टिकट काउंटर, स्मृति वस्तु (सुवेनियर) शॉप और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी।
एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार ने बताया कि यह वही ऐतिहासिक बंगला है जहां प्रसिद्ध शिकारी एवं प्रकृतिविद् जिम कार्बेट ने रात्रि विश्राम किया था। उन्होंने कहा कि बंगले के संरक्षण और विकास से क्षेत्र को ईको-टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि लगभग 19.7 लाख रुपये की लागत से बंगले को गौड़ी-बाघबरुड़ी ट्रेल से भी जोड़ा जा रहा है। यह ट्रेल ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसी क्षेत्र में जिम कॉर्बेट ने उस आदमखोर बाघिन का शिकार किया था जिसने 436 लोगों को अपना शिकार बनाया था।
वन विभाग के अनुसार सभी विकास कार्यों को जून माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्थल की मौलिकता सुरक्षित रखने तथा पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार, एफआरओ बृजमोहन टम्टा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

फोटो_ फूंगर स्थित ऐतिहासिक जिम कॉर्बेट बंगले का निरीक्षण कर विकास कार्यों की जानकारी लेते जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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