ब्लॉक स्थापना से तहसील और नगर पंचायत तक, बिष्ट परिवार समेत कई जननायकों के योगदान ने बदली पाटी की तस्वीर।
पाटी/चंपावत। नवगठित नगर पंचायत पाटी आज जिस मुकाम पर खड़ी है, उसके पीछे चार दशक से अधिक लंबी संघर्ष, त्याग और विकास की कहानी छिपी हुई है। पाटी ब्लॉक की परिकल्पना कुमाऊं के प्रख्यात अधिवक्ता और “शेर-ए-कुमाऊं” के नाम से विख्यात स्वर्गीय डी.के. पांडे ने विधायक रहते हुए की थी। हालांकि उनके असमय निधन के कारण यह सपना अधूरा रह गया, लेकिन उनके विधायक पुत्र कमल किशन पांडे ने वर्ष 1981 में इसे धरातल पर उतारकर पिता की सोच को साकार किया। उस दौर में पाटी में सरकारी कार्यालयों के लिए भवन तक उपलब्ध नहीं थे। ऐसे समय में क्षेत्र के समाजसेवी नरसिंह बिष्ट ने ब्लॉक कार्यालय के लिए अपना मकान उपलब्ध कराया। इतना ही नहीं, शुरुआती दिनों में उन्होंने ब्लॉक कर्मचारियों के भोजन की व्यवस्था भी अपने स्तर पर कर विकास के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की। पाटी के प्रथम ब्लॉक प्रमुख भागीरथ भट्ट के नेतृत्व में ब्लॉक स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ी और पंचायत घर का निर्माण कराया गया। वहीं सुरेश सिंह बिष्ट नरसिंह बिष्ट के फौजी पुत्र तेज सिंह बिष्ट ने सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने का काम किया। उनके प्रयासों से कई महत्वपूर्ण योजनाएं आगे बढ़ीं।
क्षेत्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पहली शाखा खोलने के लिए बिष्ट परिवार द्वारा निर्मित भवन उपयोग में लाया गया। इसके अलावा राजकीय हाई स्कूल की स्थापना हेतु भी परिवार ने भूमि दान कर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पाटी के विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी बिष्ट परिवार की भूमिका उल्लेखनीय रही। क्षेत्र में संचालित सरकारी शराब के ठेके को हटाने के लिए वयोवृद्ध नरसिंह बिष्ट ने जनआंदोलन का नेतृत्व किया और ठेका हटने तक संघर्ष जारी रखा।
सेवानिवृत्त सैनिक तेज सिंह बिष्ट ने क्षेत्रीय जनभावनाओं को स्वर देते हुए पाटी में तहसील स्थापना की मांग को मजबूत किया, जिसका परिणाम बाद में क्षेत्र को मिला। इतना ही नहीं, उन्होंने एक निजी जांच एजेंसी के माध्यम से पाटी ट्रेजरी से गायब हुए लगभग पांच लाख रुपये के मामले का खुलासा कर ईमानदारी और जनहित की मिसाल भी पेश की। पाटी की विकास यात्रा में पूर्व ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मण सिंह लमगड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का योगदान भी अहम रहा है। आज पाटी को नगर पंचायत का दर्जा मिल चुका है और करीब दो हजार से अधिक मतदाता इस नवगठित नगर निकाय के भविष्य का फैसला करने जा रहे हैं।
चार दशक से अधिक के संघर्ष, जनसहयोग और विकास की यह कहानी बताती है कि पाटी का वर्तमान कई पीढ़ियों के त्याग और दूरदर्शिता का परिणाम है।
फोटो – तेज सिंह बिष्ट।
चंपावत: स्वर्गीय डीके पांडे के सपने से नगर पंचायत तक- 45 साल की विकास यात्रा का साक्षी बना पाटी नगर।

