लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती से मिलेगी राहत, चंपावत, लोहाघाट, पाटी, देवीधुरा व बाराकोट क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को होगा सीधा लाभ।
लोहाघाट। सीमांत जनपद चंपावत में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सशक्त उत्तराखंड’ और ‘आदर्श चंपावत’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए लोहाघाट स्थित 132/33 केवी पीटीसीयूएल उपकेंद्र को सफलतापूर्वक चार्ज कर दिया गया है। इसके साथ ही पिथौरागढ़ से लोहाघाट उपकेंद्र तक विद्युत आपूर्ति स्थानांतरण का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के शुरू होने से चंपावत, लोहाघाट, पाटी, देवीधुरा, बाराकोट सहित आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। वर्षों से चली आ रही लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती जैसी समस्याओं से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नए उपकेंद्र के संचालन से न केवल आम उपभोक्ताओं बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों, लघु उद्योगों और सरकारी संस्थानों को भी स्थिर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के अधिशासी अभियंता विजय सकारिया ने बताया कि उपकेंद्र को चार्ज करने और लाइन स्थानांतरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था सामान्य और सुचारू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में विद्युत विभाग उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। नए उपकेंद्र के संचालन से भविष्य में बिजली की उपलब्धता, स्थिरता और गुणवत्ता में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।
फोटो – लोहाघाट स्थित 132/33 केवी पीटीसीयूएल उपकेंद्र के सफलतापूर्वक चार्ज होने के बाद विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण करते अधिकारी।
चंपावत: लोहाघाट 132 केवी उपकेंद्र हुआ चालू, चंपावत जिले की बिजली व्यवस्था को मिली नई ताकत।

