चंपावत: 120 श्रद्धालु हुए परेशान- रीठा साहिब यात्रा के लिए नहीं मिली रोडवेज बस, मजबूरी में लेना पड़ा महंगा निजी वाहनों का सहारा‌।

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लोहाघाट में घंटों इंतजार करते रहे पंजाब से आए यात्री, बस अड्डे पर खड़ी रहीं निगम की बसें; यात्रियों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल।


लोहाघाट। गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब के दर्शन के लिए पंजाब से आए करीब 120 सिख श्रद्धालुओं को परिवहन व्यवस्था की कमी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार दो बड़ी बसों में सवार श्रद्धालु लोहाघाट तक तो पहुंच गए, लेकिन सड़क की स्थिति और बड़े वाहनों की आवाजाही में दिक्कत होने के कारण वे आगे की यात्रा नहीं कर सके।
यात्रियों द्वारा आगे रीठा साहिब तक पहुंचने के लिए परिवहन निगम से छोटी बसों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया। आरोप है कि इसके बावजूद परिवहन निगम लोहाघाट डिपो की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इस दौरान श्रद्धालु बस अड्डे पर घंटों तक बसों की मांग करते रहे, जबकि परिसर में परिवहन निगम की कई बसें खड़ी दिखाई दीं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि समय रहते परिवहन निगम द्वारा छोटी बसों की व्यवस्था कर दी जाती तो उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। आखिरकार यात्रा को जारी रखने के लिए यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जिसके लिए उन्हें मनमाना किराया भी चुकाना पड़ा। यात्रियों ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी परिवहन सुविधाओं की कमी से श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बेहतर परिवहन प्रबंधन की मांग की है। यह मामला एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करता है, जहां समय पर वैकल्पिक व्यवस्था न होने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


फोटो – लोहाघाट बस अड्डे पर रीठा साहिब यात्रा के लिए परिवहन व्यवस्था का इंतजार करते पंजाब से आए सिख श्रद्धालु।


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