चंपावत: एवरेस्ट के बाद लद्दाख की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़े वीरेंद्र सामंत, रचा इतिहास।

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7,135 मीटर ऊंची चोटी फतह करने वाले चंपावत के पहले पर्वतारोही बने बडोली के वीरेंद्र; एनसीसी अभियान में एवरेस्ट भी कर चुके हैं फतह।

चंपावत। पहाड़ की ऊंचाइयों से निकले चम्पावत के वीरेंद्र सिंह सामंत ने एक बार फिर जिले का नाम देशभर में रोशन किया है। बडोली गांव निवासी पर्वतारोही वीरेंद्र ने लद्दाख की 7,135 मीटर ऊंची सबसे ऊंची चोटी पर सफल आरोहण कर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वह इस ऊंचाई तक पहुंचने वाले चंपावत जिले के पहले पर्वतारोही बन गए हैं।
वीरेंद्र की यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि कुछ माह पहले ही उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था। एवरेस्ट के बाद लद्दाख की दुर्गम चोटी फतह कर उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में लगातार दूसरी बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है।
लद्दाख की ऊंची चोटियों पर कम तापमान, तेज हवाओं और बेहद कम ऑक्सीजन के बीच आरोहण करना आसान नहीं माना जाता। इन विपरीत परिस्थितियों को मात देकर शिखर तक पहुंचना वीरेंद्र के साहस, शारीरिक क्षमता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
बडोली गांव के साधारण परिवेश से निकलकर वीरेंद्र ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कर यह साबित किया है कि पहाड़ के युवाओं में प्रतिभा और हौसले की कोई कमी नहीं है। उनकी सफलता से बडोली गांव समेत पूरे चम्पावत में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और युवाओं ने वीरेंद्र को बधाई देते हुए इसे जिले के लिए गौरव की उपलब्धि बताया।
एनसीसी अभियान से एवरेस्ट तक पहुंची कामयाबी
विदित हो कि वीरेंद्र सिंह सामंत उत्तराखंड के एनसीसी कैडेट हैं। उन्होंने मई 2025 में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले 10 सदस्यीय एनसीसी अभियान दल में हिस्सा लिया था। इस अभियान में लद्दाख की कैडेट आबिदा आफरीन भी शामिल थीं। एवरेस्ट के बाद अब लद्दाख की 7,135 मीटर ऊंची चोटी फतह कर वीरेंद्र ने अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया है।

फोटो_लद्दाख की 7,135 मीटर ऊंची चोटी फतह करने वाले चंपावत के पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत।


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