

मां की तपस्या और बेटियों की मेहनत रंग लाई, सौम्या को श्रीनगर तो साक्षी को दून मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट।
चंपावत। कुछ सफलताएं सिर्फ खबर नहीं होतीं, वे एक परिवार की तपस्या और बेटियों के हौसले की कहानी बन जाती हैं। चंपावत की जुड़वा बहनों सौम्या बसेड़ा और साक्षी बसेड़ा ने NEET UG-2026 में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों बहनों को सम्मानित किया।
साक्षी बसेड़ा ने ऑल इंडिया रैंक 15,536 हासिल कर उत्तराखंड की राज्य जनरेटेड रैंक में 58वां स्थान पाया और उन्हें गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में MBBS सीट मिली।
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वहीं सौम्या बसेड़ा ने ऑल इंडिया रैंक 32,714 हासिल कर राज्य जनरेटेड रैंक में 204वां स्थान प्राप्त किया और उन्हें वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट, श्रीनगर में सीट मिली।
मां ने बेटियों के सपने को अपना सपना बनाया_
इस सफलता के पीछे मां प्रीति बसेड़ा की तपस्या भी कम नहीं है। बेटियों की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिन-रात एक कर दिया। सही समय पर सही जानकारी जुटाने, पढ़ाई की दिशा तय करने और बेहतर तैयारी का माहौल देने में मां हर कदम पर बेटियों के साथ खड़ी रहीं। हल्द्वानी में दोनों बेटियों के साथ रहकर उन्होंने उनकी पढ़ाई संभाली और तुषार पंत पीएमटी क्लासेज से कोचिंग दिलाई।
दोनों के पिता डॉ. प्रकाश सिंह बसेड़ा चंपावत में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हैं। पिता का प्रोत्साहन, मां की मेहनत, गुरुजनों का मार्गदर्शन और बेटियों की लगन ने मिलकर यह मुकाम हासिल कराया।
एक ही घर की जुड़वा बेटियां, एक ही सपना और पहली कोशिश में दो सरकारी मेडिकल कॉलेज। साक्षी दून और सौम्या श्रीनगर में डॉक्टर बनने की राह पर आगे बढ़ेंगी। उनकी सफलता पहाड़ की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।
फोटो_NEET में सफलता हासिल करने वाली जुड़वा बहनों सौम्या बसेड़ा और साक्षी बसेड़ा को खटीमा में सम्मानित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।




