चंपावत: नशे का सौदागर समाज का दुश्मन, नशेड़ी बना तो परिवार भी संकट में!

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गांधी जयंती पर लोहाघाट में महिलाओं ने खोला नशे के खिलाफ मोर्चा, रैली निकालकर युवाओं को बचाने का दिया संदेश

लोहाघाट। नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं निगलता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां और भविष्य तबाह कर सकता है। गांधी जयंती पर लोहाघाट में नशे के खिलाफ निकली जागरूकता रैली में महिलाओं ने इसी खतरे को लेकर लोगों को चेताया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अभियान के तहत निकली रैली में महिलाओं ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवार और समाज को आगे आने का आह्वान किया।

हिटलर मार्केट से शुरू हुई रैली पिथौरागढ़ रोड होते हुए स्टेशन बाजार पहुंची। रैली में महिलाओं के साथ पीएलबी और पुलिस-प्रशासन के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। हाथों में जागरूकता के संदेश और नारों के साथ प्रतिभागियों ने लोगों से नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में भागीदार बनने की अपील की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज अनुज कुमार संगल ने कहा कि नशे का बढ़ता चलन खासकर युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। घर-घर जागरूकता और परिवार की सतर्कता ही युवाओं को इस दलदल में जाने से रोक सकती है।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या को अपने घर से बाहर की समस्या समझना खतरनाक है। तेजी से फैलता यह सामाजिक अभिशाप किसी भी परिवार को अपनी चपेट में ले सकता है। उन्होंने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों में समाज की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक संकेत बताया।
रै
ली में महिलाओं ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार करने वाला व्यक्ति समाज की जड़ों को कमजोर करता है, जबकि नशे की गिरफ्त में आया व्यक्ति अपने परिवार के लिए बड़ा संकट बन जाता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने, उनसे खुलकर बातचीत करने और उन्हें खेल, शिक्षा व अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपील की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भावदीप राउते के निर्देशन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं।

फोटो_लोहाघाट में नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकालती महिलाएं, पीएलबी व अन्य।


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