एसटीएच में जांच के बाद मां और गर्भस्थ शिशु सुरक्षित मिले, परिजनों ने उठाए सवाल।
सीएमएस ने कहा— चिकित्सकीय आधार पर किया गया रेफर।
चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। चौकी क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को दो दिन तक जिला अस्पताल में भर्ती रखने के बाद शुक्रवार देर रात चिकित्सकों ने मां और गर्भस्थ शिशु की स्थिति गंभीर बताते हुए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) रेफर कर दिया। घबराए परिजन आधी रात निजी वाहन से महिला को लेकर हल्द्वानी पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकीय जांच के बाद तस्वीर कुछ अलग सामने आई।
परिजनों का आरोप है कि एसटीएच के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि मां और गर्भस्थ शिशु दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रसव की संभावित तिथि अभी नहीं आई है और फिलहाल भर्ती की भी आवश्यकता नहीं है। चिकित्सकों ने एक सप्ताह बाद दोबारा जांच कराने की सलाह देकर महिला को घर भेज दिया।
घटना के बाद परिजनों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि महिला की हालत सामान्य थी तो जिला अस्पताल ने आधी रात गंभीर खतरे की बात कहकर रेफर क्यों किया। उनका आरोप है कि इस निर्णय से परिवार को मानसिक तनाव के साथ निजी वाहन का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा।
इस मामले ने जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिना ठोस चिकित्सकीय कारण के मरीजों को रेफर किया जा रहा है तो यह गंभीर जांच का विषय है। परिजनों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, चिकित्सकीय अभिलेखों की समीक्षा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संवाददाता ने सीएमएस से फोन पर ली जानकारी।
इस संबंध में जब संवाददाता ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. हांकी से फोन पर बातचीत की तो उन्होंने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मरीज को उसकी चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर ही उच्च केंद्र रेफर किया गया था। रेफर करने का निर्णय पूरी तरह चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति चिकित्सकीय अभिलेखों और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल मामले में परिजनों और अस्पताल प्रशासन के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में पूरे प्रकरण की सच्चाई चिकित्सकीय रिकॉर्ड और संभावित जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
फोटो_चंपावत जिला अस्पताल, जहां से गर्भवती महिला को आधी रात हल्द्वानी रेफर किए जाने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठे।
चंपावत जिला अस्पताल पर फिर उठे सवाल, आधी रात गर्भवती महिला को हल्द्वानी रेफर।
