अब दो विशेषज्ञ संभालेंगे बच्चों के उपचार की जिम्मेदारी, बाल मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ।
चंपावत। जिला अस्पताल में लंबे समय से चली आ रही बाल रोग विशेषज्ञ की कमी दूर हो गई है। साथ ही अस्पताल में दूसरे बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी कर दी गई है। मंगलवार को डॉ. संजीव कुमार ने जिला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण किया। दूसरे विशेषज्ञ की तैनाती से अस्पताल आने वाले बाल मरीजों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक जिला अस्पताल में एनएचएम के तहत तैनात डॉ. मंजू नाथ ही बाल रोग विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। एक ही बाल रोग विशेषज्ञ होने के कारण मरीजों की संख्या अधिक होने पर बच्चों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता था। कई बार गंभीर बाल मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।
अब डॉ. संजीव कुमार की तैनाती होने से बाल मरीजों की जांच और उपचार व्यवस्था में तेजी आने की उम्मीद है।
दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से बच्चों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श मिल सकेगा और बाल रोग विभाग में मरीजों का दबाव भी कम होगा। इससे दूरदराज के क्षेत्रों से जिला अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी सुविधा मिलेगी।
जिला अस्पताल में नए बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती को सीमांत जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अस्पताल में बाल मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
उधर बुधवार को जिला अस्पताल में आयोजित टीकाकरण शिविर में 35 बच्चों को आवश्यक टीके लगाए गए। इस दौरान बच्चों को पोलियो, खसरा, डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभिभावकों को बच्चों का समय पर टीकाकरण कराने के लिए भी जागरूक किया।
फोटो_ चंपावत जिला चिकित्सालय का एक दृश्य।
चंपावत: जिला चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार ने संभाला कार्यभार।
