

मछली वाली गली और रोडवेज के पास बदहाल सड़क से परेशान लोगों ने खुद भरे गड्ढे।
टनकपुर। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के सरकारी दावों की जमीनी हकीकत टनकपुर की मछली वाली गली में साफ दिखाई दे रही है। यहां लंबे समय से सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नजर सड़क की बदहाली पर नहीं पड़ी। आखिरकार लोगों का सब्र जवाब दे गया और रविवार को स्थानीय लोगों ने खुद फावड़ा उठाकर सड़क के गड्ढे भरने शुरू कर दिए।
मछली वाली गली और रोडवेज के पास सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे स्थानीय लोगों, व्यापारियों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों से बचते हुए निकलने को मजबूर हैं, जबकि पैदल राहगीरों को भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक गहराई का अंदाजा तक नहीं लगता। ऐसे में हादसे का खतरा भी बना रहता है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क की खराब हालत को लेकर जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। सड़क की मरम्मत का इंतजार करते-करते लोगों ने आखिरकार खुद ही मोर्चा संभाल लिया। फावड़े और सामग्री लेकर लोग सड़क पर पहुंचे और गड्ढों को भरने में जुट गए।
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दावे सरकारी, गड्ढे जनता के जिम्मे?
एक तरफ सड़कों को गड्ढामुक्त करने की बातें हो रही हैं, दूसरी तरफ टनकपुर में जनता को अपनी सड़क खुद चलने लायक बनानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि सड़क पर गड्ढे भरना स्थायी समाधान नहीं है। विभाग को सड़क की वास्तविक स्थिति देखकर स्थायी मरम्मत करानी चाहिए, ताकि हर बारिश के बाद यही समस्या दोबारा खड़ी न हो।
इस दौरान कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी रूपेश सक्सेना, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम सक्सेना, युवा नेता गौरव जोशी समेत स्थानीय लोगों ने सड़क के गड्ढे भरे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार गड्ढामुक्त सड़कों के दावे कर रही है, लेकिन टनकपुर में स्थिति यह है कि जनता को खुद सड़क की मरम्मत के लिए फावड़ा उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की पहल ने सड़क की बदहाली को लेकर जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जनता ने अपने स्तर पर तत्काल परेशानी कम करने की कोशिश की है, लेकिन सड़क की स्थायी मरम्मत विभाग को ही करनी होगी। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जनता के फावड़े चलने के बाद जिम्मेदारों की नींद कब टूटती है।
क्लिप/फोटो_ गड्ढों से बदहाल सड़क पर फावड़ा चलाकर गड्ढे भरते स्थानीय लोग।



