धामी सरकार की सड़क क्रांति से बदली दुर्गम क्षेत्र की तस्वीर, मंदिरों तक पहुंच आसान; खेती, डेयरी और रोजगार को मिली नई रफ्तार।
चंपावत। कभी सड़क, संचार और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में संघर्षपूर्ण जीवन जीने वाला चंपावत जिले का तल्लादेश क्षेत्र अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। वर्षों तक दुर्गम परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग आज अपने गांवों में हो रहे बदलाव को देखकर भावुक हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में तल्लादेश की तस्वीर बदली है और अब उन्हें लगता है कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य पहले से कहीं अधिक सुरक्षित होगा। क्षेत्र के बुजुर्ग बंशीधर पालीवाल, सुंदर बोरा, गंगा दत्त, दिलीप सिंह, सुरेश पांडे और रामदास जोशी कहते हैं, “हमने अपना पूरा जीवन अभाव और संघर्ष में बिताया। अब हम पके हुए आम की तरह हैं, पता नहीं कब झड़ जाएं, लेकिन अपने जीते-जी तल्लादेश में विकास की यह तस्वीर देखकर लगता है जैसे हमारी उम्र ही बढ़ गई हो। हमारे बच्चों को जो सुविधाएं मिल रही हैं, उससे संतोष है। अब यहां के देवी-देवताओं के मंदिरों तक पहुंचना भी आसान हो गया है।”
ग्रामीण बताते हैं कि एक समय ऐसा था जब 30 से 40 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल नेटवर्क तक उपलब्ध नहीं था। किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना जिला मुख्यालय तक पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था। आज सड़क और संचार सुविधाओं के विस्तार ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। गांव अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और लोगों का जीवन पहले की तुलना में काफी आसान हुआ है। नई सड़कों का लाभ केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। किसानों के कृषि उत्पाद, दुग्ध उत्पादन और अन्य ग्रामीण उत्पाद अब आसानी से बाजार तक पहुंच रहे हैं। पर्यटन, डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि और मुर्गी पालन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इससे पलायन पर रोक लगेगी और रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिलेगा।
तल्लादेश के विकास को और गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए 6 करोड़ 22 लाख 68 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें कमैला-कांडास, रमैला-गागरी-दमतोला तथा कठाड़-सिमलटा मोटर मार्ग शामिल हैं। इनमें से 5 करोड़ 59 लाख 79 हजार रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है। इन सड़कों के बनने से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सुविधा होगी। साथ ही डेयरी, कृषि और स्थानीय व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी तथा ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी कम होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि तल्लादेश में सड़क, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के जीवन में आया एक ऐतिहासिक बदलाव है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियां भी लंबे समय तक उठाएंगी।
बॉक्स खबर
व्हाट्सएप पर भेजिए समस्या, समाधान हमारी जिम्मेदारी- जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तल्लादेश सहित जिले के कई दूरस्थ गांवों का पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याओं को नजदीक से समझा है। किसान परिवार से जुड़े जिलाधिकारी की कार्यशैली ग्रामीणों के बीच अलग पहचान बना चुकी है।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा, “अब आपकी समस्या के समाधान के लिए अधिकारी गांव तक आएंगे। आप अपनी समस्या और नाम व्हाट्सएप पर भेज दीजिए। उसके बाद वह समस्या आपकी नहीं, हमारी होगी और उसका समाधान आपको दिखाई देगा।” प्रशासन की इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बिना अनावश्यक दौड़-भाग के अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।
फोटो_सड़क संपर्क मिलने के बाद विकास और खुशहाली की नई तस्वीर पेश करता तल्लादेश क्षेत्र का सिमलटा गांव।
चंपावत: तल्लादेश में विकास की गूंज, बुजुर्ग बोले- अब लगता है हमारी उम्र बढ़ गई।
