नगर पालिका की पेंटिंग प्रतियोगिता में दिखा उत्साह, “स्वच्छ भारत–स्वच्छ चंपावत” के सपने को बच्चों ने किया जीवंत।
चंपावत। स्वच्छता सप्ताह के तहत आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया कि बदलाव की असली शुरुआत नई पीढ़ी के हाथों में है। नगर पालिका परिषद द्वारा बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता से स्वच्छता का सशक्त संदेश पूरे शहर तक पहुंचाया। नगर के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने रंगों के जरिए समाज की सच्चाई और उम्मीद दोनों को कागज पर उतारा। कहीं स्वच्छ और हरित चंपावत की सुंदर तस्वीर उभरी, तो कहीं गंदगी के खिलाफ जागरूकता का तीखा संदेश नजर आया।
“स्वच्छ भारत” और “एक कदम स्वच्छता की ओर” जैसे संदेशों को बच्चों ने बेहद प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। कई चित्रों में पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवन और साफ-सफाई को लेकर गहरी सोच दिखाई दी। नन्हे कलाकारों ने यह भी दिखा दिया कि बदलाव की शुरुआत घर और आसपास से ही होती है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह और ऊर्जा देखते ही बन रही थी। उनके बनाए चित्रों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया कि स्वच्छता केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों में जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना विकसित करते हैं। जब बच्चे स्वच्छता का महत्व समझते हैं, तो वे अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देने वाला एक मजबूत प्रयास है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और “स्वच्छ भारत–स्वच्छ चंपावत” के संकल्प को दोहराया गया। साथ ही नगरवासियों से अपील की गई कि वे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
फोटो – पेंटिंग प्रतियोगिता में स्वच्छता का संदेश देते नन्हे कलाकारों की रचनात्मक झलक।
चंपावत में नन्हे हाथों ने रंगों से लिखी स्वच्छता की इबारत, बच्चों ने दिया बड़ा संदेश।
