

जिला चिकित्सालय में ऑनलाइन आयोजन, खेलों को आत्मनिर्भरता का माध्यम बताया।
चंपावत। दिव्यांगजनों की खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला चिकित्सालय के सभागार में पैरालंपिक खेलों पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र की ओर से आयोजित कार्यशाला में 25 लोगों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन राजेंद्र गहतोड़ी रहे। अध्यक्षता डॉ. एचएस ह्यांकी ने की, जबकि संचालन जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. गौरांग जोशी ने किया।
ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के दौरान गौरव दत्ता, कविता सुरेश और आदित्य विजयकुमार ने पैरालंपिक खेलों के महत्व, दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध अवसरों और उनकी भागीदारी बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। कार्यशाला में दिव्यांग खिलाड़ियों को समान अवसर, उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि खेल दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ सामाजिक समावेशन को भी मजबूत करते हैं।
इस दौरान रेडक्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. आरके जोशी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलवीर सिंह, सचिव जनार्दन चिल्कोटी और जिला चिकित्सालय के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय पाठक सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
फोटो_जिला चिकित्सालय में पैरालंपिक खेलों पर आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में उपस्थित अधिकारी एवं प्रतिभागी।




