

भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक किया नमन।
चंपावत। भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर गुरुवार को जनपद में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। गोरलचौड़ मैदान स्थित वन पंचायत के पंत पार्क में नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय और जिलाधिकारी मनीष कुमार ने पं. पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
वन पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पं. पंत के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। स्कूली छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
कार्यक्रम में शंकर पाण्डेय ने पं. गोविंद बल्लभ पंत के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंत जी महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी राजनेता थे। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने तक उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने जनकल्याण, सामाजिक न्याय और सुशासन को नई दिशा दी।

डीएम मनीष कुमार ने युवाओं का आह्वान किया कि वे पं. पंत के संघर्ष और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन की प्रेरणा बनाएं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की सीख देता है। युवाओं को उनके जीवन और उपलब्धियों से प्रेरणा लेकर अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी और सेवाभाव को जीवन में उतारना चाहिए।
अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत का जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनके संघर्ष, दूरदर्शिता और जनसेवा के आदर्श आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। युवाओं को उनके विचारों को आत्मसात करते हुए ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में केएमवीएन के गैर सरकारी निदेशक रोहित बिष्ट, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी, नगर पालिका सभासद, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
फोटो_पंत जयंती पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते जिलाधिकारी मनीष कुमार एवं पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे।



