

खटकना पुल से छतार के बीच बदहाल सड़क बनी मुसीबत, तीन दिन में तीन घटनाओं का दावा।
चंपावत। खटकना पुल से छतार के बीच एनएच-09 की बदहाल सड़क ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मादली क्षेत्र में सड़क पर बने गहरे गड्ढे हादसों का सबब बन रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में गड्ढों के कारण तीन घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत को लेकर जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।
सड़क की हालत से परेशान होकर स्थानीय युवाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया। युवाओं ने फावड़ा उठाकर सड़क के गड्ढों में सामग्री डालकर उन्हें भरने का प्रयास किया। जिस काम की जिम्मेदारी विभाग की थी, उसे जनता को अपने स्तर पर करना पड़ा। युवाओं की यह पहल जहां तत्काल राहत का प्रयास है, वहीं व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-09 पर लगातार आवाजाही रहती है। गड्ढों के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सवाल यह भी है कि जब सड़क की स्थिति जिम्मेदार विभाग से छिपी नहीं है तो स्थायी मरम्मत में देरी क्यों हो रही है। क्या विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही हरकत में आएगा? स्थानीय स्तर पर गड्ढे भरने से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन यह सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
चंपावत में बेहतर सड़क व्यवस्था और विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन एनएच-09 की यह तस्वीर उन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति का आकलन करे और गड्ढों की स्थायी व गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराए।
जनता ने अपना काम कर दिया, अब विभाग की बारी है।
फोटो_एनएच-09 के गड्ढों से परेशान होकर सड़क पर खुद मोर्चा संभालते स्थानीय युवा।




