

हरिद्वार में राज्यस्तरीय स्पर्धाएं कल से, 156 टीमें लेंगी हिस्सा; 2.84 लाख रुपये के पुरस्कार।
हरिद्वार। संस्कृत नाटक से श्लोकोच्चारण तक छह विधाओं में प्रदेशभर के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम् की ओर से अष्टादश संस्कृत महोत्सव के तहत 23 और 24 अक्टूबर को महाजन भवन, दूधाधारी चौक के निकट, भूपतवाला में राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
प्रतियोगिताओं में संस्कृत नाटक, समूहगान, समूहनृत्य, वाद-विवाद, आशुभाषण और श्लोकोच्चारण शामिल हैं। कनिष्ठ वर्ग में कक्षा छह से दस और वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 11 से एमए तक के विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे। प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों और 13 जनपदों में आयोजित प्रारंभिक स्पर्धाओं के विजेता राज्यस्तर पर पहुंचे हैं।
संस्थानम् के सचिव एवं मुख्य राज्य समन्वयक प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार ने बताया कि प्रतियोगिताओं में 13 जनपदों की 156 टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतिभागियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और निर्णायकों सहित करीब 1200 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला : डॉ. पन्त
संस्थानम् के उपाध्यक्ष डॉ. नवीन चन्द्र पन्त ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति, परंपरा और ज्ञान-विज्ञान का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ना जरूरी है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनकी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल को निखारने का अवसर देती हैं। संस्कृत को पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन से जोड़ना चाहिए।
राज्य समन्वयक डॉ. हरीश चन्द्र गुरुरानी ने बताया कि प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए कुल 2.84 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कार, प्रतीक चिह्न और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। उद्घाटन 23 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे और पुरस्कार वितरण 24 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे होगा।
फोटो_ डॉ. नवीन चन्द्र पन्त, उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्।




