खटीमा/उधम सिंह नगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र खटीमा में गुरुवार को विकास और देशभक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री के आगमन पर पूरा क्षेत्र उत्साह से झूम उठा। जगह-जगह स्वागत द्वार सजे, फूलों की वर्षा हुई और जनसैलाब ने अपने लोकप्रिय नेता का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर पालिका क्षेत्र में 7 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित भव्य एवं अत्याधुनिक CSD कैंटीन भवन का विधिवत लोकार्पण किया। यह कैंटीन न केवल खटीमा बल्कि आसपास के सीमांत क्षेत्रों के हजारों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी, जिन्हें अब आवश्यक वस्तुओं के लिए दूर-दराज के कैंटीनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने कैंटीन का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य सैनिक सम्मान समारोह में शिरकत की, जहां पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 60 वीर वीरांगनाओं और 80 पूर्व सैनिकों को सम्मानित कर उनके अद्वितीय साहस, समर्पण और राष्ट्र सेवा को नमन किया। सम्मान पाकर कई सैनिक भावुक हो उठे और पूरा परिसर तालियों की गूंज से गूंज उठा।
इस दौरान मुख्यमंत्री का भावनात्मक पक्ष भी सामने आया। उन्होंने अपनी माता विशना देवी और पत्नी गीता धामी के साथ अपने स्वर्गीय पिता सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते सैनिकों के त्याग और संघर्ष को वे बेहद करीब से समझते हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा,
“खटीमा में CSD कैंटीन का निर्माण मेरे जीवन के उन सपनों में से एक था, जिसे आज साकार होते देखकर आत्मिक संतोष की अनुभूति हो रही है।”
उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि बनबसा कैंटीन जाते समय पूर्व सैनिकों की परेशानियों को देखकर उन्होंने मन ही मन यह संकल्प लिया था कि एक दिन खटीमा में ही आधुनिक कैंटीन का निर्माण कराया जाएगा। आज वह संकल्प हकीकत बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस परियोजना के अंतर्गत सैनिक मिलन केंद्र का भी निर्माण किया गया है, जो पूर्व सैनिकों के सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों का केंद्र बनेगा। इससे न केवल सैनिकों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी उनके योगदान से प्रेरणा मिलेगी।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में अजय भट्ट, गणेश जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि, मंत्रीगण और सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने सैनिकों के योगदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए उन्हें सम्मानित करना गर्व की बात बताया।
खटीमा में सैनिक सम्मान का स्वर्णिम अध्याय, सीएम धामी ने दी 7.15 करोड़ की सौगात, 140 वीरों का किया गौरव सम्मान।
