

चंपावत। अस्पताल में ओपीडी पर्ची के लिए लंबी कतार में लगने की परेशानी से मरीजों को जल्द राहत मिलेगी। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत चंपावत को उत्तराखंड का मॉडल जिला चुना गया है। जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देते हुए मरीजों के लिए आभा ऐप से घर बैठे ओपीडी टोकन लेने की सुविधा शुरू की गई है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि आभा आईडी के माध्यम से मरीज घर से ही अस्पताल का पंजीकरण कर ओपीडी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। अस्पताल पहुंचने पर टोकन नंबर बताकर बिना लंबी लाइन में लगे ओपीडी पर्ची ली जा सकेगी।
अस्पताल में आभा ऐप डाउनलोड करने और ऑनलाइन पंजीकरण में मरीजों की मदद के लिए विशेष हेल्प डेस्क और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। आने वाले समय में अस्पताल में भर्ती मरीजों का इंडोर रिकॉर्ड भी आभा आईडी से डिजिटल किए जाने की योजना है।
एक क्लिक पर मिलेगा पुराना इलाज का रिकॉर्ड
आभा आईडी से मरीज के स्वास्थ्य और पूर्व उपचार का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। मरीज की सहमति से दूसरे जिले या राज्य में इलाज कराने पर संबंधित चिकित्सक भी उसके पुराने उपचार की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इससे मरीजों को पुरानी रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज संभालकर ले जाने की परेशानी कम होगी और इलाज में भी आसानी होगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिलेवासियों से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आभा आईडी बनवाकर स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के साथ घर बैठे ओपीडी टोकन की सुविधा का उपयोग करें। उन्होंने लोगों से दूसरों को भी इस सुविधा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
फोटा_जिला चिकित्सालय।




