चंपावत: बनबसा में कैबिनेट के 24 फैसलों पर मुहर।

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1.19 लाख विद्यार्थियों के लिए कौशल योजना, पंतनगर एयरपोर्ट को 66.29 करोड़; राजकोषीय घाटे की सीमा तीन फीसदी।

बनबसा। एनएचपीसी बनबसा में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में वन, भूमि, वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
वन भूमि हस्तांतरण के तकनीकी परीक्षण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) बनाने और छह पद स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। वर्ग-3 व वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने तथा लालकुआं और जौनसार-बावर में भूमि विनियमितीकरण से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर हुए।

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तार के लिए 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी मिली। संपत्ति की खरीद-फरोख्त में PAN सत्यापन की व्यवस्था लागू होगी। वहीं राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के तीन प्रतिशत और 2026-27 से 2030-31 तक संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की गई।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष की व्यवस्था बदली जाएगी। छठवें राज्य वित्त आयोग की स्थानीय निकायों से संबंधित रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र में रखी जाएगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप संबंधित नियमों में भी संशोधन होंगे।

राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संपत्ति संबंधी प्रावधान अपडेट किए जाएंगे। समूह ‘ग’ की भर्तियों में साक्षात्कार व्यवस्था में बदलाव करते हुए उप कारापाल पद से साक्षात्कार हटाया जाएगा। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पद को संबंधित परिशिष्टों से बाहर किया जाएगा।

सतर्कता अधिष्ठान के पुनर्गठन में 11 पद समर्पित और छह नए पद सृजित होंगे। सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से मिलने वाली आय का 92 प्रतिशत संबंधित अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया।

1873 के उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम को निरस्त कर नया उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक लाने को मंजूरी दी गई। कुक्कुट आहार सब्सिडी अब आधार लिंक बैंक खातों में डीबीटी से दी जाएगी। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के समन्वय के लिए महानिदेशक का नया पद बनाया जाएगा।

उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी मिली। इससे करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और पांच वर्षों में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निजी विश्वविद्यालयों के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 2,500 और मैदानी क्षेत्रों में 20,000 वर्गमीटर न्यूनतम निर्मित क्षेत्र के मानक तय किए गए।

नरेन्द्रनगर में उप निबंधक कार्यालय खुलेगा, जिसके क्षेत्राधिकार में 133 राजस्व गांव होंगे। वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा की नई नियमावली को मंजूरी मिली। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर के वेतन-मानदेय का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।

इसके अलावा जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली में संशोधन, सौन्दर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित करने समेत अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।

फोटो_एनएचपीसी बनबसा में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।


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