

मुख्यमंत्री ने सुनीं बहनों की सफलता की कहानियां, स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने पर जोर।
चंपावत। पहाड़ की महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों की महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों से वर्चुअल संवाद कर उनके संघर्ष, हुनर और सफलता की कहानियां सुनीं।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश की बहनें मेहनत और हुनर के दम पर न सिर्फ अपनी पहचान बना रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी मिसाल बन रही हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।
चंपावत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जय कैलपाल देवता स्वयं सहायता समूह, कुलेठी की सदस्य ऋतु जोशी से मुख्यमंत्री ने सीधे संवाद किया। उन्होंने ऋतु जोशी से उनके रेस्टोरेंट और समूह से जुड़ने के बाद मिले रोजगार के अवसरों की जानकारी ली। ऋतु ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने हुनर को रोजगार में बदलने का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों के स्थानीय उत्पादों में बाजार की अपार संभावनाएं हैं। सरकार इन उत्पादों को बाजार, ब्रांडिंग और बेहतर विपणन की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद खरीदने और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाई जाएगी। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका, बेहतर बाजार और आर्थिक मजबूती से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

एपीडी विम्मी जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना पहाड़ की महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने की मजबूत पहल है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार, ब्रांडिंग और विपणन मिलने से महिलाओं की मेहनत को नई पहचान मिलेगी। यह योजना ग्रामीण बहनों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
फोटो_मुख्यमंत्री धामी चंपावत की स्वयं सहायता समूह की सदस्य ऋतु जोशी से वर्चुअल संवाद करते हुए।




