चंपावत। हरेला पर्व के अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का संकल्प बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी जन्मदात्री मां और धरती माता के नाम एक-एक पौधा लगाने तथा उसकी देखभाल का संकल्प लेने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला लोकपर्व है। यह हमें धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत सुरक्षित रखने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण असंतुलन लगातार बढ़ रहा है। घटते जल स्रोत, बढ़ता तापमान और बदलता जलवायु चक्र भविष्य के गंभीर संकट की चेतावनी हैं। ऐसे समय में अधिक से अधिक पौधरोपण और लगाए गए पौधों का संरक्षण ही प्रकृति के प्रति हमारी सच्ची जिम्मेदारी है। पेड़ मानव जीवन के आधार हैं। वे हमें स्वच्छ हवा, जल, छाया और संतुलित पर्यावरण प्रदान करते हैं। इसलिए हरेला पर्व पर केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व होना चाहिए।
उन्होंने जनपदवासियों से 16 जुलाई को हरेला पर्व पर ‘एक पेड़ मां के नाम और एक पेड़ धरती माता के नाम’ लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। साथ ही सभी नागरिकों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं दीं।
फोटो_ जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत: हरेला पर डीएम मनीष कुमार का आह्वान: ‘मां और धरती माता के नाम लगाएं दो पौधे, हरियाली बचाने का लें संकल्प’।
