उधम सिंह नगर: देवभूमि की पाठशालाओं में गूँजेगी ‘वीर प्रसूता’ माटी की गाथा, बच्चों को पढ़ाया जाएगा अपना गौरवशाली इतिहास।

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काशीपुर (उधम सिंह नगर)। देवभूमि उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के विद्यालयों में अब बच्चों को अपनी माटी के वीरों, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक गौरव से परिचित कराया जाएगा। यह पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और उनमें राष्ट्रभक्ति व स्वाभिमान की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार इस योजना के तहत प्रत्येक शनिवार के अंतिम पीरियड में विद्यार्थियों को उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास की गाथाएं सुनाई जाएंगी। इसमें कत्यूरी राजवंश का वैभव, शाह वंश का अदम्य साहस और चंद राजाओं की रणनीतिक सूझबूझ और दूरदर्शिता को प्रमुखता से शामिल किया गया है। साथ ही वीरांगना तीलू रौतेली और वीर सेनानायक माधो सिंह भंडारी जैसे महान नायकों के संघर्ष, पराक्रम और बलिदान की प्रेरणादायक कहानियां भी बच्चों तक पहुंचाई जाएंगी।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती के निर्देशन में तैयार की गई यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जिसमें शिक्षा को स्थानीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इस पहल के माध्यम से छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उनके भीतर अपनी पहचान, संस्कृति और इतिहास के प्रति गर्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा और उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में अपनी पहचान से दूर होती जा रही युवा पीढ़ी के लिए यह पहल ‘संजीवनी’ का कार्य करेगी।
इस पहल के तहत विद्यालयों में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज, ‘भोजन मंत्र’ की परंपरा और वीर गाथाओं का समावेश बच्चों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे उनमें अनुशासन, संस्कार और देशभक्ति की भावना और अधिक प्रबल होगी।
वास्तव में, देवभूमि की यह पहल न केवल अपने गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, बल्कि एक सशक्त, संस्कारित और आत्मगौरव से परिपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में उत्तराखंड का हर विद्यार्थी अपने पुरखों की वीरता पर गर्व करते हुए राज्य और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।

फोटो_ निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती एवं अन्य


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