चंपावत। “मॉडल जिला” के रूप में अपनी पहचान बना चुका चंपावत अब स्वच्छता के क्षेत्र में भी नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026-27 की तैयारियों को लेकर नगर पालिका परिषद द्वारा स्वच्छता सप्ताह के अंतर्गत गुरुवार को आयोजित भव्य स्वच्छता गोष्ठी ने साफ कर दिया कि अब जिले में गंदगी के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में “मॉडल जिला चंपावत” की अवधारणा को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।
गोष्ठी के दौरान कचरा पृथक्करण (गीला और सूखा) को अनिवार्य रूप से लागू करने, डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई, नालियों के बेहतर रखरखाव और शहर की सौंदर्यीकरण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि इन व्यवस्थाओं को सही तरीके से लागू किया जाए, तो चंपावत स्वच्छता के मामले में प्रदेश ही नहीं, देश के अग्रणी शहरों में शामिल हो सकता है।
इसके साथ ही जनजागरूकता को अभियान का सबसे मजबूत हथियार बताते हुए स्कूलों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष रणनीति बनाने पर सहमति बनी। यह भी कहा गया कि “मॉडल जिला” की पहचान तभी सार्थक होगी जब हर गली, हर मोहल्ला और हर घर स्वच्छता का उदाहरण बने।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय ने अपने संबोधन में सख्त संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छता के मामले में अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि “मॉडल जिला चंपावत” को स्वच्छता में भी नंबर-1 बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने पर्यावरण मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे इस अभियान की रीढ़ हैं, जिनके बिना स्वच्छता का सपना अधूरा है। साथ ही उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और शहर को साफ-सुथरा रखने में सक्रिय सहयोग दें।
गोष्ठी के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर स्वच्छता का संकल्प लिया और यह भरोसा दिलाया कि वे न केवल स्वयं स्वच्छता अपनाएंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
चंपावत: स्वच्छता गोष्ठी का सफल आयोजन, स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों को मिला बल।
