चंपावत: आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं का फूटा गुस्सा: अपमान के विरोध में मंदिर मार्ग पर धरना, आंदोलन हुआ उग्र।

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उपयुक्त स्थान न मिलने से भड़की नाराजगी “महिला सशक्तिकरण सिर्फ कागजों में”, मुख्य मार्ग पर उतरने की चेतावनी।

लोहाघाट/चंपावत। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर से हटाए जाने के बाद उन्हें जो धरना स्थल दिया गया, वह रोड़ी, बजरी और धूल-मिट्टी से भरा होने के कारण उनके लिए असुविधाजनक साबित हुआ। इससे आक्रोशित कार्यकर्त्ताओं ने रविवार को ऋषेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले मार्ग पर ही बैनर लगाकर दिनभर धरना-प्रदर्शन किया।
आंगनबाड़ी संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक ओर शासन महिला सशक्तिकरण की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, जो बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में कार्यकर्त्ताएं खुद को असहाय महसूस कर रही हैं।
आंदोलन में शामिल माया राय, बसंती, दीपा राय, दमयंती, शकुंतला समेत अन्य कार्यकर्त्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनके लिए सम्मानजनक और उचित धरना स्थल की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगी। उधर, चंपावत में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है। जिला अध्यक्ष मीना बोहरा ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने से कार्यकर्त्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे उनकी मांगों के समर्थन में आगे आकर सरकार पर दबाव बनाएं।


फोटो – ऋषेश्वर महादेव मंदिर मार्ग पर बैनर लगाकर धरना-प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताएं, उचित स्थान न मिलने से जताया आक्रोश।


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