रिवर्स प्रवासियों के लिए चंपावत में अपार संभावनाएं- डीएम मनीष कुमार।
चंपावत। उत्तराखंड से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों के संदर्भ में प्रचलित ‘पलायन’ शब्द पर वरिष्ठ सामाजिक चिंतक एवं पूर्व केंद्रीय सचिवालय कर्मी प्रकाश उपाध्याय ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उत्तराखंड के लोगों के लिए ‘पलायन’ नहीं, बल्कि ‘प्रवास’ शब्द अधिक उपयुक्त है, क्योंकि यहां के लोगों ने अपनी जन्मभूमि, संस्कृति और परंपराओं से कभी रिश्ता नहीं तोड़ा।
नेपाल सीमा से सटे मंडलक गांव निवासी प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों का गांव छोड़ना मजबूरी थी, न कि अपनी मातृभूमि का परित्याग। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग बेहतर अवसरों की तलाश में मैदानी क्षेत्रों की ओर गए, लेकिन उनका अपने गांव और जड़ों से जुड़ाव आज भी कायम है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर से हिंदुओं के पलायन या अन्य देशों में युद्ध और हिंसा के कारण हुए पलायन की तुलना उत्तराखंड से नहीं की जा सकती। पहाड़ का व्यक्ति स्वाभिमानी, मेहनती और संघर्षशील होता है। उसने कठिन परिस्थितियों में भी अपने श्रम और प्रतिभा के दम पर देशभर में पहचान बनाई है।
प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि जब उनके गांव तक सड़क भी नहीं पहुंची थी, तब वे रोजगार की तलाश में दिल्ली गए और केंद्रीय सचिवालय में 35 वर्षों तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे पुनः अपनी जन्मभूमि लौट आए। उन्होंने कहा कि पहाड़ से बाहर रहने वाले लोग आज भी ग्राम देवता, लोकदेवता, पारंपरिक मेलों और पर्व-त्योहारों के माध्यम से अपनी संस्कृति और गांव से जुड़े हुए हैं। अब बड़ी संख्या में लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कृषि, बागवानी, पर्यटन और स्वरोजगार के जरिए दोबारा गांवों में बस रहे हैं।

रिवर्स प्रवासियों के लिए अवसरों की धरती बन रहा चंपावत- डीएम।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मॉडल जिला चंपावत में रिवर्स प्रवास करने वाले लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। जिला प्रशासन तकनीकी प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों की ओर लौटे लोगों ने न केवल अपनी तकदीर बदली है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। आने वाले समय में चंपावत रिवर्स प्रवास का सफल मॉडल बनकर पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनेगा।

