चंपावत में गीता धामी की दस्तक से गरमाई सियासत, महिला वोट बैंक पर बढ़ी नजर।

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आमा-ईजा और चाची कहकर बुजुर्गों से लिया आशीर्वाद, स्वयं सहायता समूहों के बीच बढ़ाया सीधा संवाद।

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी की चंपावत में बढ़ती सक्रियता अब महज सामाजिक कार्यक्रमों तक सीमित नजर नहीं आ रही है। महिलाओं के बीच उनकी लगातार मौजूदगी और बढ़ते जनसंपर्क ने जिले की सियासी फिजा में चर्चाओं को हवा दे दी है। खासकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के बीच उनकी सहज पकड़ को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जाने लगा है।
कार्यक्रमों में गीता धामी का अंदाज भी चर्चा का विषय बना। बुजुर्ग महिलाओं को ‘आमा, ईजा और चाची’ कहकर संबोधित किया, चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और हमउम्र महिलाओं से घुल-मिलकर संवाद किया। महिलाओं ने भी तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने स्वरोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समूहों के जरिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की।
महिलाओं के बीच इस आत्मीय संवाद ने गीता धामी की अलग छवि बनाई है। महिला समूहों से सीधा जुड़ाव और महिला केंद्रित योजनाओं पर बातचीत को चम्पावत की बदलती सियासी तस्वीर से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की सशक्त बहना योजना सहित महिला कल्याण से जुड़ी योजनाएं भी इस संवाद का हिस्सा रहीं।

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आशीर्वाद की बात ने जोड़ा भावनात्मक रिश्ता_

महिलाओं से बातचीत के दौरान गीता धामी ने अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि जिस परिवार पर माता-पिता और सास-ससुर का आशीर्वाद हो, उससे अधिक भाग्यशाली परिवार कोई नहीं होता। बुजुर्गों का अपने व्यवहार और कार्यों से प्रसन्न होना सबसे बड़ा सौभाग्य है। उनकी इस बात ने बुजुर्ग महिलाओं से भावनात्मक जुड़ाव बनाया। महिलाओं ने उन्हें आत्मीयता से आशीर्वाद दिया और स्वागत किया।

सक्रियता बढ़ी तो चर्चाएं भी तेज_

चंपावत में गीता धामी की लगातार बढ़ती सक्रियता को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगामी राजनीतिक सफर से जोड़कर देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री की अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर अंतिम फैसला भले ही पार्टी नेतृत्व को करना हो, लेकिन गीता धामी का महिलाओं के बीच बढ़ता संपर्क सियासी तौर पर कई संकेत दे रहा है। यही वजह है कि उनकी हर सक्रियता अब चंपावत की राजनीति में चर्चा का विषय बन रही है।

फोटो_चंपावत में गीता धामी का तिलक लगाकर स्वागत करतीं महिलाएं।


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