हरेला पर्व- पहाड़ की हरियाली, लोकसंस्कृति और प्रकृति संरक्षण का अटूट संकल्प।
चंपावत। उत्तराखंड की पहचान केवल बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों, कल-कल बहती नदियों और मनमोहक वादियों से नहीं, बल्कि उसकी जीवंत लोकसंस्कृति से भी है। यहां के लोकपर्व प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व की उस परंपरा के प्रतीक हैं, जिसने सदियों से पहाड़ के जीवन को संवारने का काम किया है। इन्हीं लोकपर्वों में हरेला…


