चंपावत: तीन पीढ़ियों तक असर छोड़ने वाला संकल्प: 79 की उम्र में भी नहीं थके टीकाराम शर्मा।
दूसरों की भलाई को जीवन मानने वाले संघर्षशील समाजसेवी की प्रेरक कहानी। लोहाघाट। कहते हैं कि जो लोग दूसरों की भलाई के लिए जीते हैं, उनका भला खुद-ब-खुद होता है और उनकी सोच का असर पीढ़ियों तक दिखाई देता है। लधियाघाटी के राजकोट बैज गांव निवासी 79 वर्षीय टीकाराम शर्मा इसका जीवंत उदाहरण हैं। इस…
