राजशेखर जोशी की पहल कृषि, स्टार्टअप और उद्योग के संगम से उत्तराखंड के किसानों को मिलेगा स्थायी समाधान।
चंपावत। उत्तराखंड में किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर एंपावरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड (सेतु आयोग) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस पहल के तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप से जोड़कर खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी के नेतृत्व में कृषि विभाग, पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय, गेट्स फाउंडेशन और सोशल अल्फा के सहयोग से एक व्यापक एग्रो स्टार्टअप कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य खेती से जुड़े हर चरण उत्पादन से लेकर बाजार तक की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना है। जोशी ने बताया कि बदलते जलवायु परिस्थितियों के कारण किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में फसल उत्पादन, कटाई, भंडारण और विपणन जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रबंधन और तकनीकी सहयोग बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और नीतिगत समर्थन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जहां सरकार, उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षा जगत मिलकर काम करेंगे और कृषि क्षेत्र के लिए नए समाधान विकसित करेंगे।
यह कार्यक्रम सोशल अल्फा और गेट्स फाउंडेशन के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जबकि चयनित स्टार्टअप्स को भारत एग्रो इनोवेशन नेटवर्क से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस पहल से न केवल उत्तराखंड के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य कृषि नवाचार के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में उभर सकता है।
फोटो – राजशेखर जोशी
चंपावत: किसानों की आय बढ़ाने को बड़ा कदम सेतु आयोग लाया एग्रो स्टार्टअप कार्यक्रम, तकनीक और नवाचार से बदलेगी खेती की तस्वीर।
