चंपावत। जनपद में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद की कालाबाजारी या वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण प्रणाली और निगरानी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद की सप्लाई चेन के हर स्तर पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों को समय पर और उचित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती जनपद होने के कारण बैठक में सशस्त्र सीमा बल की भूमिका को भी अहम माना गया। जिलाधिकारी ने एसएसबी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमाओं पर उर्वरकों की अवैध आवाजाही और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने कृषि एवं सहकारिता विभाग को निर्देश दिए कि किसानों की मांग के अनुरूप खाद की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी किसान को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, जिससे वितरण प्रणाली पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे तथा किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंच सके।
बैठक में सीडीओ डॉ. जी.एस. खाती, एडीएम कृष्णनाथ गोस्वामी, एसडीएम अनुराग आर्या सहित कृषि, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और एसएसबी के अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो_ उर्वरक आपूर्ति व कालाबाजारी पर सख्ती को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत: खाद पर कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस_डीएम मनीष कुमार सख्त, किसानों को समय पर उर्वरक देने के निर्देश।
