हाई कोर्ट से मिली राहत के बाद छलका दर्द, साजिश का लगाया आरोप; जनता के बीच फिर से सेवा का लिया संकल्प।
चंपावत। जिले की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि में सक्रिय युवा नेता कमल रावत को माननीय हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गंभीर आरोपों से सम्मानजनक बरी होने के बाद कमल रावत ने पत्रकारों से बातचीत में अपना दर्द साझा किया और पूरे घटनाक्रम को एक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद जब उन्होंने क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में ग्रामीण राजनीति में कदम रखा, तो यह कुछ लोगों को रास नहीं आया। इसी कारण उनके खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुए एक नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में उन्हें फंसाया गया, जिससे उनके सामाजिक और राजनीतिक जीवन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
कमल रावत ने कहा कि “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन कभी हारता नहीं” यह कहावत उनके जीवन में पूरी तरह सच साबित हुई। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने तथ्यों के आधार पर उन्हें पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया है। इस फैसले के बाद उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार जताते हुए कहा कि “सत्यमेव जयते” आज भी उतना ही प्रासंगिक है और उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बना है। उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें अपने और परायों की पहचान करने का अवसर दिया। अब वे पहले की तरह ही जनता के बीच रहकर उनकी सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता का जैसा आशीर्वाद और समर्थन मिलेगा, उसी के अनुरूप वह आगे की दिशा तय करेंगे। अंत में कमल रावत ने मीडिया का भी धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि सच्चाई को सामने लाने में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
फोटो – कमल रावत
चंपावत: झूठे आरोपों से बरी हुए युवा नेता कमल रावत, बोले— “सत्य परेशान हो सकता है, पर हारता नहीं”।
